A Blog for my HOD $!®

 

विद्वत्त्वं दक्षता शीलं सङ्कान्तिरनुशीलनम् । 

शिक्षकस्य गुणाः सप्त सचेतस्त्वं प्रसन्नता ॥



Yes, you heard it correctly...

This is one of the fittest shloka as per of now b’cz there's an important day today for someone.
और हाँ आज मैं इस श्लोक का अर्थ आपको नहीं बताऊँगा क्योंकि आपको वो आगे खुद-ब-खुद महसूस हो ही जाएगा...

By the way..;

Hi/Hello/Namaskar/Shastriya_akāl; Pranaam🙏🏻🙏🏻🙏🏻, 
              PRASHANT , है बंदे का नाम.., ढ़ेर सारी बातें करना जिसका है काम...
तो चलिए शुरू करते हैं आज का ये Blog, लेकर श्री राम का नाम...!

वैसे आज का ये ब्लॉग हम उनके लिए ही लिख रहे हैं जिनकी हमें आजकल बेहद याद आ रही है...! हम उनके नाम से पर्दा उठायें उसके पहले आपको मैं आपको उनके लिए कुछ व्याख्यानों का वर्णन दे देता हूँ...
वो हमारे last Masters के (last)HOD थे, Dean of School थे, और तो और मेरे Supervisor and Guide भी वो ही थे...
और ये रही उनकी handsome, dashing और हमारी लेखनी में भौकाली फोटो...👇

 
वैसे तो हमें अपने HoD सर से डर लगता था इस मामले में तो कोई दो राय नहीं है लेकिन हमें अपने Bika Sir से कभी डर नहीं लगा... जी हाँ Dr Shankar Lal Bika, यही तो नाम है उनका... 
But it's very unfortunate to me for not spending much/more time with him that'z very 😞 bad haannn...
क्योंकि उनके साथ थोड़ा सा और समय हम बिता पाते तो और भी बहुत कुछ सीख सकते थे, जान सकते थे, समझ सकते थे ... अब जानने और समझने की बात जब‌ आ ही गई है तो मैं आपको यह भी बता दूँ कि उनको चाय पीना और बातें करना पसन्द है (ठीक मेरी तरह...😜) ये हमने जाना, लेकिन समझा तो ये कि उनको चाय पर चर्चा करना और भी पसन्द है फिर चर्चा करने वाले कोई भी हो चलेगा... जैसे कि उनके साथ काम करने वाले सारे (departmental) लोग, उनके दोस्त [पूरे कैम्पस की बात करें तो (Except Department) Dr Bawa Sir], या फिर उनके R'ch Scholars हों या चाहे तो उनके PG Students, ही क्यों न हों ...

सबकी सुनना, अपनी राय उनके बीच रखना, और जरूरत पड़ने पर अपने लोगों को सही सलाह- मशवरा देना... और हाँ इन सबके बीच कुछ तो है उनमें जो लोगों को उनसे जोड़ कर रखता है... कुछ तो खास है उनमें...
और अगर मुझे ज़िन्दगी ने मौका दिया तो, सर मैं आपको अच्छे से जानने की कोशिश इक बार ही सही पर करूँगा तो ज़रूर... क्योंकि हर बार कुछ अलग ही सीखने को जो मिल जाता है...

और इसी सिलसिले में मैं आपको ये भी बता दूँ कि मैंने 1st to last sem तक सारी कक्षाओं को उनमें मिली सीख के साथ सहेज कर रखा है, And whenever I feel low, I simply go through those wordings delivered by youh... 
औरlast momentsमें, बिना direct help दिए, सीखने का जो मौका आपने हमको दिया, वो हमें अब समझ में आया है...
और वो भी तब जब हम सब आपसे दूर हैं.. और आपकी बात चल रही हो और मारुति नंदन का जिक्र न हो तो ये तो बहुत नाइंसाफी होगी और इस वक्त तो वह भी आपसे दूर हैं
लेकिन फिर इसी बात पर हमें अपने classmate, (Mr) Maruti Nandan, की इक बात याद आती है, वो कहते थे कि जब जड़ें मजबूत हों तो दूरियाँ मायने नहीं रखतीं ...
खैर,
I don't know but today I am feeling to give you a gift from my side वो भी ऐसा जो आज तक किसी ने आपको न दिया हो, और आप तो हैं ही शब्दों के माहिर, that's why I have decided to prepare a unique bolg specially for you... वैसे इक ब्लॉग में सब कुछ लिखा तो नहीं जा सकता इसलिए हम समय समय पर ऐसे कारनामे करके आपको अपनी याद दिलाते रहेंगे...
और हाँ just few days ago when I got your reply through mail felt blessed at that time...
फिलहाल अभी के लिए बस इतना ही... We'll meet for further things for the next time, till then keep Smiling and keep spreading your love to the society...
See Youh Soon, B’Bye take care...
और हाँ अपना ख्याल रखिएगा...

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